Chapter-4: दीवानों की हस्ती

1. 
‘दीवानों की हस्ती’ कविता के कवि का नाम __ है।

2. 
दीवानों के साथ-साथ क्या चलता है?

3. 
धूल उड़ाकर चलने का अर्थ होगा?

4. 
दीवाने अपने हृदय पर कैसी निशानी ले जाते हैं?

5. 
भिखमंगों की दुनिया किस प्रकार की है ?

6. 
दीवाने संसार को क्या लुटाते हैं?

7. 
मनमौजी व्यक्ति किस ओर चलता है ?

8. 
‘स्वच्छंद’ शब्द का क्या अर्थ है?

9. 
दीवानों का हृदय कैसा होता है?

10. 
‘आबाद’ शब्द का क्या अर्थ है?

11. 
इस कविता में किसकी हस्ती की बात कही गई है?

12. 
मस्ती भरा जीवन जीने वाले लोगों के बीच क्या बन जाते हैं ?

13. 
वे संसार से कैसा भाव रखते हैं?

14. 
बलि-वीरों के मन में बलि होने की चाहत किसके लिए है?

15. 
सुख-दुख में कौन-सा समास है?

16. 
यह दुनिया किनकी है?

17. 
दीवानों को क्या पछतावा है?

18. 
कवि के अनुसार कैसा जीवन अच्छा होता है ?

19. 
‘हम दीवानों की क्या हस्ती’ पाठ में दीवानों से कवि का क्या अभिप्राय है ?

20. 
दीवानों का आना कैसा होता है ?