Chapter 2: बस की यात्रा
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शेख भिखारी ☞ शेख भिखारी, खटंगा के राजा टिकैत उमराव सिंह के दीवान थे, इन्होंने 31 जुलाई, 1857 को तन्त्रता संग्राम भाग लिया। ☞ सन्थाल विद्रोहियों सहित स्वतन्त्रता प्रेमी शेख भिखारी के नेतृत्व में हजारीबाग में उग्र विद्रोह किया गया। इस विद्रोह में अंग्रेज अधिकारियों द्वारा लगभग 200 विद्रोहियों को फाँसी की सजा दी गई तथा
जतरा भगत ☞ इनका जन्म सितम्बर, 1888 ई. में गुमला जिले के चिंगरी नवाटोली में हुआ था। ☞ अप्रैल, 1914 में जतरा भगत ने ताना भगत आन्दोलन की शुरुआत की थी। यह आन्दोलन उराँव जनजाति की एक शाखा से सम्बन्धित था। ☞ वर्ष 1921 में जतरा भगत की गाँधीजी से मुलाकात हुई तथा वर्ष 1927 में साइमन
कृष्ण वल्लभ सहाय ☞ इनका जन्म 31 दिसम्बर 1898 को पटना में हुआ था। ☞ वे स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने कांग्रेस के रामगढ़ अधिवेशन 1940 को सम्पन्न कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान हजारीबाग से छोटानागपुर सन्देश नामक साप्ताहिक पत्रिका का सम्पादन भी किया था। ☞ कृष्ण वल्लभ सहाय बिहार के दूसरे
शिबू सोरेन ☞ शिबू सोरेन का जन्म वर्ष 1942 में नेमरा (रामगढ़) में हुआ। शिबू सोरेन ने वर्ष 1970 में सोनीत (शुद्ध) सन्थाल समाज का गठन किया। ☞ ये वर्ष 1973 में गठित झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। ☞ वर्ष 1980 में निर्मल महतो के साथ मिलकर इन्होंने ऑल झारखण्ड स्टूडेण्ट्स यूनियन (आजसू)
सिमोन उराँव ☞ इनका जन्म वर्ष 1932 में रांची के निकट एक खाकसी नामक गाँव में हुआ था। ☞ इन्होंने जल संरक्षण एवं पर्यावरण की रक्षा करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया, इसलिए ये जलपुरुष के नाम से भी प्रसिद्ध हुए उनका प्रसिद्ध नारा है ‘ आदमी बनना है, तो जमीन से लड़ो ‘ अर्थात् जमीन में
ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ☞ 12 अगस्त, 1817 को बरकागढ़ की राजधानी सतरंजी में नागवंशी कुल में इनका जन्म हुआ। 23 वर्ष की अवस्था में इन्होंने जागीरदारी का कार्य संभाला। ☞ इन्होंने अपनी राजधानी सतरंजी से हटाकर हटिया स्थानान्तरित की तथा इन्होंने कर नहीं देने के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया। ☞ इन्होंने हजारीबाग के विद्रोही सैनिकों
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वीर तेलंगा खड़िया ☞ वीर तेलंगा खड़िया का जन्म 9 सितम्बर, 1806 को मुर्मू गाँव (गुमला) में हुआ था, गुमला में उनके शवों को दफनाएँ गए स्थान को ‘ तेलंगा तोपा टाण्ड ‘ कहा जाता है। ☞ इन्होंने 1850 ई. में खड़िया आन्दोलन का नेतृत्व किया तथा 1831-32 ई. के कोल विद्रोह में भी भाग लिया
सिद्धू – कान्हू ☞ सिद्धू का जन्म 1815 ई. में तथा कान्हू का जन्म 1820 ई. में भोगनाडीह नामक ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम चुन्नी माँझी था। ☞ सिद्धू और कान्हू दो भाई थे, जिन्होंने सन्थाल आन्दोलन (1855-1856 ई.) में अंग्रेजों के विरुद्ध लोहा लिया था। इन्हें दो भाइयों चाँद और भैरव ने